मौन कौन

Note: In the words of the poet, this poem tries to show that there is no difference between our current PM Narendra Modi & our ex-PM Manmohan Singh, as he feels they both stay silent on important issues.

……………

कल तक अशोक खेमका थे,

आज संजीव चतुर्वेदी,

व्हिसिल ब्लोवर चढ़ते रहे

राजनीति की बलि-बेदी।

जारी है आज भी,

शिक्षा – स्वास्थ घोटाले,

मन्त्री बनते आज भी,

आपराधिक छवि वाले।

जाति-संप्रदाय हिंसा दंगा,

आज भी होता नंगा,

भलेही गांधी जी का चित्र

सब जगह है टंगा।

काली कमाई और काला धन

आज भी है जारी,

देश को लूटाते नेता,

आज भी बारी बारी ।

सीमा पर आज भी गिरते

शहीदों की लाशें,

किले के उपर नेता,

सिर्फ और सिर्फ़ खांसे।

सत्ता में आते ही लोग

हो जाते हैं मौन,

ना जानें उनका मालिक

हो जाता है कौन।


Shivam Panjeta

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s